6 mukhi Rudraksha (छह मुखी रुद्राक्ष) – सफलता, समृद्धि और स्वास्थ्य का प्रतीक

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छह मुखी रुद्राक्ष: कार्तिकेय का प्रतीक, प्रेम और बुद्धि बढ़ाता है, क्रोध शांत करता है। तुला/वृषभ राशि के लिए शुभ। मंत्र: “ओम ह्रीं हं नम:”।

 

Six Mukhi Rudraksha: Symbolizes Kartikeya, enhances love and wisdom, calms anger. Auspicious for Libra/Taurus. Mantra: “Om Hreem Hum Namah.”

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Description

छह मुखी रुद्राक्ष (Six Mukhi Rudraksha)
छह मुखी रुद्राक्ष एक पवित्र और शक्तिशाली रुद्राक्ष मणि है, जो हिंदू धर्म में आध्यात्मिक और दैविक महत्व रखता है। यह भगवान शिव के आशीर्वाद का प्रतीक माना जाता है और इसे धारण करने से व्यक्ति को कई लाभ प्राप्त होते हैं। नीचे छह मुखी रुद्राक्ष के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं:

1. देवता संबंध:
– छह मुखी रुद्राक्ष को भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) और भगवान शिव के पुत्र के रूप में जाना जाता है।
– यह भगवान शिव के छह मुखों का प्रतीक है।

2. मंत्र:
– इस रुद्राक्ष का संबंध “ॐ ह्रीं हुं नमः” मंत्र से है।
– इस मंत्र का जाप करने से रुद्राक्ष की शक्ति बढ़ती है।

3. लाभ:
– शिक्षा और ज्ञान: यह छात्रों के लिए विशेष रूप से लाभदायक है, क्योंकि यह एकाग्रता और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है।
– आत्मविश्वास: यह व्यक्ति के आत्मविश्वास और आंतरिक शक्ति को मजबूत करता है।
– तनाव मुक्ति: यह मानसिक शांति प्रदान करता है और तनाव को कम करता है।
– रचनात्मकता: यह रचनात्मक क्षमता को बढ़ाने में सहायक है।

4. चक्र संबंध:
– छह मुखी रुद्राक्ष आज्ञा चक्र (तीसरी आँख) को सक्रिय करने में मदद करता है।
– यह चक्र ज्ञान, अंतर्ज्ञान और आध्यात्मिक विकास से जुड़ा है।

5. धारण करने की विधि:
– इसे सोमवार या गुरुवार के दिन सुबह के समय धारण करना शुभ माना जाता है।
– इसे धारण करने से पहले गंगाजल से शुद्ध करना चाहिए और मंत्र का जाप करना चाहिए।

6. ज्योतिषीय महत्व:
– यह रुद्राक्ष बृहस्पति (गुरु) ग्रह के प्रभाव को संतुलित करता है।
– यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जिनकी कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो।

7. सावधानियां:
– इसे धारण करते समय शुद्धता और श्रद्धा का ध्यान रखना चाहिए।
– इसे नियमित रूप से साफ करना चाहिए और नकारात्मक ऊर्जा से बचाने के लिए इसे अच्छी तरह संभालना चाहिए।

छह मुखी रुद्राक्ष एक शक्तिशाली आध्यात्मिक उपकरण है जो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और सफलता लाने में मदद करता है।

 

 

 

Six Mukhi Rudraksha
The Six Mukhi Rudraksha is a sacred and powerful bead, holding significant spiritual and divine importance in Hinduism. It is considered a symbol of Lord Shiva’s blessings and is believed to bestow numerous benefits upon the wearer. Below are some key points about the Six Mukhi Rudraksha:

1. Deity Association:
– The Six Mukhi Rudraksha is associated with Lord Kartikeya (Murugan), the son of Lord Shiva.
– It symbolizes the six faces of Lord Shiva.

2. Mantra:
– This Rudraksha is linked to the mantra “Om Hreem Hum Namah.”
– Chanting this mantra enhances the power of the Rudraksha.

3. Benefits:
– Education and Knowledge: It is particularly beneficial for students as it improves concentration and memory.
– Self-Confidence: It strengthens self-confidence and inner power.
– Stress Relief: It provides mental peace and reduces stress.
– Creativity: It aids in enhancing creative abilities.

4. Chakra Connection:
– The Six Mukhi Rudraksha helps activate the Ajna Chakra (Third Eye).
– This chakra is associated with wisdom, intuition, and spiritual growth.

5. Wearing Method:
– It is considered auspicious to wear it on Monday or Thursday mornings.
– Before wearing, it should be purified with Gangajal (water from the Ganges) and the mantra should be chanted.

6. Astrological Significance:
– This Rudraksha balances the influence of the planet Jupiter (Guru).
– It is especially beneficial for those with a weak Jupiter in their horoscope.

7. Precautions:
– It should be worn with purity and devotion.
– It should be cleaned regularly and handled carefully to protect it from negative energies.

The Six Mukhi Rudraksha is a powerful spiritual tool that helps bring positive energy, peace, and success into one’s life.

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